मजलूमों की कस्ती के लिए कोई साहिल क्यों नहीं ? मजलूमों की कस्ती के लिए कोई साहिल क्यों नहीं ?
जगा दिया वतन को उन्होंने जब आजादी का नाम लिया। जगा दिया वतन को उन्होंने जब आजादी का नाम लिया।
इतना ही था सफर, अब हो गया है पूरा हाँ, मेरा भी कोई सपना रह गया अधूरा इतना ही था सफर, अब हो गया है पूरा हाँ, मेरा भी कोई सपना रह गया अधूरा
थोड़ी सी आजादी हमें भी दे दो अपने सपनों में उड़ने को। थोड़ी सी आजादी हमें भी दे दो अपने सपनों में उड़ने को।
ये हमारी आजादी को बतलाता, भूल न जाना उन वीर शहीदों को, ये हमारी आजादी को बतलाता, भूल न जाना उन वीर शहीदों को,
ऐ मेरे वीर सिपाही तुझे सलाम शत शत नमन तुझे ए मेरे शूरवीरों। ऐ मेरे वीर सिपाही तुझे सलाम शत शत नमन तुझे ए मेरे शूरवीरों।